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मजदूर दिवस कविता-Poem on Labour Day in hindi best 1


मजदूर दिवस कविता
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मजदूर दिवस कविता – श्रमिक वर्ग की कड़ी मेहनत और उपलब्धियों का जश्न मनाने के लिए श्रम दिवस निर्धारित है.
यह विभिन्न देशों में अलग-थलग तारीख में मनाया जाता है. हालांकि अधिकाशं देश में इस दिन के लिए 1 मई की तारीख निर्धारित है जिस दिन अंतरराष्ट्रीय श्रमिक दिवस मनाया जाता है.

मजदूर दिवस कविता – 1, Poem on Labour Day

“मैं मजदूर हूँ “

मैं मजदूर हूं |
किस्मत से मजबूर हूँ |

सपनों के आसमान में जीता हूँ,
उम्मीदों के आंगन को सिंचता हूं |
दो वक्त की रोटी खानें के लिए,
अपने स्वाभिमान को नहीं बेचता हूँ |

तन को ढंकने के लिए
फटा पुराना लिबास है |
कंधों पर जिम्मेदारी है,
जिसका मुझे एहसास है |

खुला आकाश है छत मेरा
बिछौना मेरी धरती है |
घास फूस के झोपड़ी में
सिमटी अपनी हस्ती है |

गुजर रहा जीवन अभावों में,
जो दिख रहा प्रत्यक्ष है |
आत्मसंतोष ही मेरे
जीवन का लक्ष्य है |

गरीबी और लाचारी से जूझ,
जूझ कर हँसना भूल चुका हूं |

अनगिनत तनावों से लदा हुआ,
आँसू पीकर मजबूत बना हूँ |

मजदूर दिवस पर हिन्दी निबंध

Hindi kavita – मजदूर दिवस कविता – 2

पत्थर तोड़ रहा मजदूर
पत्थर तोड़ रहा मजदूर
थक के मेहनत से है चूर
फिर भी करता जाता काम
श्रम की महिमा है मशहूर

मेहनत से न पीछे रहता
कभी काम से न ये डरता
पार्वत काट बनाता राह
नव निर्माण श्रमिक है करता

नदियों पर ये बाँध बनाता
रेल पटरियां यही बिछाता
श्रम की शक्ति से मजदूर
कल कारखाने भवन बनाता

खेत में करता मेहनत पूरी
पाता है किसान मजदूरी
कतराता जो भी है श्रम से
उसे घेरती है मजबूरी |

Essay On Labour’s Day in English

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