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मोर पर कविता – राष्ट्रीय पक्षी मोर पर कविता – Mor par best 1 kavita


मोर पर कविता
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मोर पर कविता : दोस्तों आप सभी को पता है मोर हमारा राष्ट्रीय पक्षी है. मोर ऐसे ही राष्ट्रीय पक्षी नहीं कहलाता
मोर देखने में उतना ही सुन्दर और आकर्षित दिखता है, मोर को बारिश का मौसम बहुत पसंद है.
आज इस आर्टिकल में, मैं आपको मोर पर कविता बताऊंगी जो विद्यार्थियों की मोर पर कविता लिखने में सहायता करेगा और साथ ही उन्हें मोर के बारे में जानकारी भी प्रदान करेगा

राष्ट्रीय पक्षी मोर पर कविता हिन्दी में

“सबको नाच दिखाता मोर “
हज़ारों रंग बिखराता मोर !
“बच्चों को बहलाता मोर”
पल भर में उड़ जाता मोर!!

वन उपवन शोभित होता मोर”
वर्षा में खुश होता मोर!
“सुन-सुन कर बादल का शोर”
सबको नाच दिखाता मोर!!

“कितने सुंदर पंख है देखो”
पंखों में विभिन्न रंग है देखो!
“रंगों में कितने ढंग है देखो”
नाच मनोहर इसका देखो!!

(2) मोर पर कविता – Poem on Peocock in Hindi

मैं हूं राष्ट्रीय पक्षी मोर,
मेघ देखकर करता शोर।
गर्दन लंबी रंग है नीला,
दिखता हूं मैं बड़ा चमकीला।।

सुंदर पंख बड़े-बड़े है मेरे,
नागराज भी मुझ से डरे।
पंजे है मेरे शक्तिशाली,
दिखता हूं मैं सबसे निराला।।

पीहू पीहू की आवाज लगाकर,
सबको करता हूं सचेत।
ऊंचे ऊंचे पेड़ों पर मैं बैठता,
बाग बगीचे मेरे बिन हो जाते सुने।।

नाच देख – देख कर मेरा,
सब हो जाते प्रसन्न ।
पंखो से मेरे लिखते हैं गाथा,
सबसे सुंदर पक्षी मैं कहलाता।।

देखें अगले पेज पर – भारत का राष्ट्रीय पक्षी मोर पर निबंध

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